
Inbound and Outbound Marketing :
Inbound and Outbound Marketing बिज़नेस को सुचारु रूप से चलने के लिए बहुत अच्छा माध्यम है I ऐसा नहीं है कि आज हमे सिर्फ किसी एक कि जरुरत है क्योकि किसी भी बिज़नेस में पुराने और नए दोनों प्रकार के ग्राहक होते है I
पुराने ग्राहक प्राय: नई तकनीक से अवगत नहीं होते है I या आप कह सकते है कि ऑनलाइन का अभी भी इस्तेमाल नहीं करते है I इसलिए आज भी बहुत सी संस्था मैन्युअल वर्क सीनियर सिटीजन के लिए करती है I आप जैसा कि जानते है कि बैंक में चेक से पैसा निष्कासित करने और पासबुक प्रिंट करने के लिए आज भी बैंक में लम्बी लाइन देखी जा सकती है I यह एक प्रकार का Outbound Marketing है जो कि समय समय पर बैंक दिशा निर्देश जारी करती है I
Inbound and Outbound Marketing में क्या अंतर है ?
Inbound Marketing :
Inbound Marketing Business की एक ऐसी प्रणाली है जिसमें Content के माध्यम से आप ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित करते है।इससे Pull Marketing Startegy भी कहा जा सकता है I Inbound मार्केटिंग में Prospect स्वयं कंपनी के Product को सर्च करता है I कंपनी के Brand और Content को देखकर ही ग्राहक Buy करता है I Amazon , Flipkart, Mesho या अन्य Attractive Brand के बारे में अपने मनपसंद Product का चुनाव करता है या Google या youtube में Search करता है I Blog, Social Media campaign,SEO, Viral Video, Ebooks, Facebook, Instagram Landing Pages , Webinar Inbound मार्केटिंग का उदIहरण है I
Inbound एक ऐसा Process है जिसमें ग्राहक आपसे खुद contact करते है। Inbound Process के examples Customer Service और Tech Support है क्योंकि यहां आप ग्राहक अपने problem को share करते है। Inbound Marketing में ग्राहक का Intention कंपनी के Product को Buy करने का होता है अब कंपनी पर निर्भर करता है क़ि ग्राहक को अच्छी सर्विस देना और उसकी Need को पूरा करना होता है जैसे Product Quality , Reasonable Price और गारंटी Period I

अगर हम Inbound Marketing को Digital Marketing की नज़र से देखें तो यह काफी सारे मार्केटिंग चैनल्स का एक मिला जुला मेल होता है जैसे की Content Marketing, Social Media Marketing और Search Engine Optimization आदि।
जैसा की आप सभी जानते है की यह तीनों मार्केटिंग चैनल्स एक वेबसाइट और ब्लॉग के लिए कितने काम के होते है। Inbound Marketing का केंद्रिभूत आपके Website पर Quality Traffic को लाना होता है जो की आपके कस्टमर में बदले जा सके और अगर आपका कोई बिज़नेस है तो उसे बढ़ाना भी होता है। इनका सबसे अच्छा Example हमें Affiliate Marketing और e-Commerce वेबसाइट पर देखने को मिलता है।

OutBound Marketing :
OutBound मार्केटिंग का Target Audience Large होता है या हम ऐसा कह सकते है क़ि कंपनी के Product को सभी को दिखाना या इससे हम Push Marketing भी कहते है I OutBound मार्केटिंग एक पुराणी पद्धति है जो बरसो से चली आ रही है I जैसे क़ि Door to Door Selling , Cold calling , TV Ads , Loudspeaker Ads , Trade event , Newspaper, Magazine,Exhibition , Seminar , Email and Outsourced Telemarketing . OutBound मार्केटिंग के द्वारा सभी को दिखाया जाता है वो चाहे पसंद करे या ना करे I
Outbound Marketing में हमें Users को Ads देखने के लिए Force करना पड़ता है, चाहे वो PPC Marketing ही क्यों न हो, इसमें भी जब आप Campaign Run करते है तो आपको User पे Dependent होना पड़ता है। आउटबाउंड मार्केटिंग में, हमें उपयोगकर्ताओं को विज्ञापन देखने के लिए मजबूर करना पड़ता है, भले ही वह पीपीसी (Pay-Per-Click) मार्केटिंग हो, फिर भी जब आप एक अभियान चलाते हैं, तो आपको उपयोगकर्ता पर निर्भर रहना पड़ता है।

Inbound marketing Outbound Marketing में अंतर –
Inbound Marketing | Outbound Marketing |
Inbound Marketing में ग्राहक का Intention कंपनी के Brand और Product के लिए रूचि होती हैI इसमें ग्राहक स्वयं कंपनी के Product को search करता है I | Outbound Marketing हर किसी को आकर्षित करने की कोशिश करता है, चाहे उसमें किसी की दिलचस्पी हो या न हो। |
Inbound Marketing में व्यवसाय और वेबसाइट को विभिन्न प्रकार के माध्यम प्रयोग किए जाते है I जैसे ब्लॉग , सोशल मीडिया , कंटेंट , SEO , Search Engine और Webinar से ग्राहक को आकर्षित किया जाता है I | Outbound Marketing में , आपके व्यवसाय को विभिन्न प्रकार के विज्ञापनों जैसे टीवी विज्ञापनों, समाचार पत्रों , Facebook Ads , Google Ads ,PPC, Cold calling , Telemarketing और Loudspeaker के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है। |
Inbound Marketing नवीनतम तकनीक है I यह कम खर्चे में अच्छा Result मिलता है I | Outbound Marketing पुरानी पद्धति है I इसमें कंपनी बहुत सारे Marketing Ads और स्टाफ पे खर्च करती है I इसमें Sales का Conversion Ratio कम होता है I |
Inbound Marketing में ग्राहक अपनी जरुरत के हिसाब से कंपनी के पास आता है I इसमें Interested Customer ही ज्यादा होते है I | Outbound Marketing में ग्राहक को खोजना पड़ता है I इसमें Interested Customer की संख्या कम होती है I |
Inbound Marketing में ग्राहक का Behaviour cool होता है I इससे Salesman को Deal करने में आसानी होती है I | Outbound Marketing में चूकि Interrupt Starategy पर काम करता है I इसलिए कभी कभी ग्राहक का Rude Behaviour होता है I |
